फतेहगढ़ की लोको दरगाह का 266वां उर्स,28 जुलाई से होगा शुरू, सज्जादा नशीन ने की घोषणा
फतेहगढ़ की लोको दरगाह का 266वां उर्स,28 जुलाई से होगा शुरू, सज्जादा नशीन ने की घोषणा
रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077,9838839168
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित ऐतिहासिक लोको दरगाह शरीफ, खानकाह हजरत मखदूम शाह सैय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा, का 266वां सालाना उर्स 28 से 31 जुलाई 2026 तक चलेगा। यह जानकारी दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम उर्फ मुहम्मद मियां ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में दी।
उर्स में महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हिंदू, मुस्लिम, सिख और अन्य धर्मों के जायरीन व मुरीद शिरकत करेंगे। दरगाह से हमेशा कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया जाता रहा है। सभी मेहमानों के लिए लंगर का इंतजाम किया गया है।
उर्स के दौरान कई प्रमुख हस्तियां शिरकत करेंगी। इनमें चिश्तिया साबिरिया सिलसिले के जीनत-ए-सिलसिला, शैखुल मशाइख हजरत शाह अली मंजर ऐजाज कुदुसी (सज्जादा नशीन, साबिर-ए-पाक कलियर शरीफ), शेखुल हिंद शाह अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां (सज्जादा नशीन, खानकाह हुजूर शेखुल आलम रुदौली शरीफ), सय्यद आले मुस्तफा उर्फ सोहेल मियां (दरगाह हुजूर वारिस-ए-पाक देवा शरीफ) और खतीब मौलाना प्रोफेसर सय्यद मुक्तिदा हुसैन जाफरी मदारी (सज्जादा नशीन, मकनपुर शरीफ) शामिल हैं। निजामत मौलाना सय्यद नुरुल अराफात जाफरी मदारी और शायर-ए-इस्लाम मुफ्ती सय्यद शजर अली मदारी (मकनपुर शरीफ) भी मौजूद रहेंगे।
इस दौरान कई मशहूर कव्वाल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें जावेद हुसैन (रामपुर), शाहवेज वारसी (बाराबंकी), आकिल हुसैन (रामपुर), कमालुद्दीन (फर्रुखाबाद), रियाज भारती (शमशाबाद) और मुन्ना मेहरबान (फर्रुखाबाद) प्रमुख हैं।
28 जुलाई 2026, मंगलवार को फज्र की नमाज़ के बाद कुरआन ख्वानी होगी। शाम 6 बजे दरगाह शरीफ में चिरागां और रोशनी की जाएगी। रात में ईशा की नमाज़ के बाद 'तहफ्फुज-ए-अहले सुन्नत कॉन्फ्रेंस' का आयोजन होगा, जिसमें कुरआन-ए-पाक की तिलावत, नातिया मुशायरा और कॉन्फ्रेंस के विषय पर उलमा-ए-किराम रोशनी डालेंगे। यह कार्यक्रम दरगाह सज्जादा नशीन की सरपरस्ती में संपन्न होगा।
29 जुलाई 2026, बुधवार को फज्र की नमाज़ के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 9:30 बजे दरगाह परिसर में सभी खानकाहों के सज्जादगान एक संयुक्त मीडिया प्रेस वार्ता करेंगे। ज़ुहर की नमाज़ के बाद पहला कुल शरीफ आयोजित होगा, जो पंजाब स्थित दरगाह इमाम-ए-रब्बानी मुजद्दिद अलिफसानी हजरत शेख अहमद फारूकी सरहिंद शरीफ को समर्पित है। इसकी शुरुआत कुरआन-ए-पाक की तिलावत और हल्क-ए-ज़िक्र से होगी। रात 9:30 बजे महफिल-ए-कव्वाली का कार्यक्रम होगा।
30 जुलाई 2026, बृहस्पतिवार को सुबह 5:30 बजे (फज्र की नमाज़ के बाद) कुरआन ख्वानी, चादर और गागर का कार्यक्रम होगा। दोपहर 2 बजे ज़ुहर की नमाज़ के बाद कव्वालियों के साथ धूमधाम से जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस हजरत भुल्लन शाह अलैहि रहमा की दरगाह से शुरू होकर लोको कॉलोनी से होते हुए शाम 4:30 बजे दरगाह शरीफ पहुंचेगा। सरकारी गागर और चादर के साथ ही तमाम अकीदतमंदों व मुरीदों की चादरें भी दरगाह में पेश की जाएंगी। इस दिन भी लंगर का आयोजन होगा और रात 9:30 बजे महफिल-ए-कव्वाली का कार्यक्रम होगा। यह दूसरा कुल शरीफ हजरत शाह शमसुद्दीन अलैहि रहमा खानकाह शरीफ को समर्पित है।
31 जुलाई 2026, शुक्रवार को फज्र की नमाज़ के बाद गुस्ल-ए-मजार-ए-पाक, कुरआन ख्वानी और हल्क-ए-ज़िक्र होगा। यह तीसरा कुल शरीफ हजरत ख्वाजा मोहब्बत शाह अलैहि रहमा खानकाह शरीफ को समर्पित है। इस दिन पुस्तक 'नफहाते मोहब्बत' का विमोचन और दस्तार-बंदी भी होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2:02 बजे तक चौथा और सबसे बड़ा कुल शरीफ हजरत मखदूम शाह सय्यद शहाबुद्दीन औलिया का होगा, जिसके बाद लंगर-ए-आम तकसीम किया जाएगा। जुमे की अज़ान दोपहर 12:30 बजे और खुत्बा 12:45 बजे होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान मौलाना शोएब आतीर मदारी, आलम साबरी, मोहम्मद अफजल नियाजी, हाजी वसीम जमा, तनवीर खान अंसार साबरी, हाफिज अरशद आफताब सबरी, प्रवीन, शिवम, सिद्धार्थ गुप्ता और मीडिया की देखरेख कर रहे रफत हुसैन व मोहम्मद हनीफ उर्फ बबलू भाई आदि मौजूद रहे।
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