इटावा: "इटावा लाइव की 'महान पत्रकारिता' पर तीखा सवाल, जनता से मांगा जवाब"

लखनऊ डेस्क 

इटावा क़े लोकप्रिय, सर्वप्रिय, सबपर भारी पड़ने वाले इटावा लाइव के सम्मानित पत्रकार जो किसी को भी हड़काने, डराने धमकाने की पूरी दम रखते हैं कि तुम उनके साथ क्यों? और समाचार को जैसे चाहे मोड़ दे सकते हैं?

👉🏻 यही वह समाचार चैनल है जिसने दादरपुर में कथा वाचक मुकुटमणि और उनके नेत्रहीन साथी तथा दूसरे लोगों पर हद दर्जे की निकृष्टता के बाद उसे जातीय रंग देने का काम किया था। और जब माननीय अखिलेश यादव जी ने उन्हें सम्मानित किया तो अखिलेश जी के सम्मान पर भी इन्होंने प्रश्न चिन्ह लगा दिया और उन पर चारित्रिक मामला बनाने के लिए ब्राह्मण महासभा को आगे लाकर कई लोगों से इंटरव्यू करवाये थे, कथा वाचकों पर छेड़खानी का आरोप लगवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। पूरी तरह उसे जातीय रंग देने का कार्य किया।यही है इनकी साफ सुथरी पत्रकारिता?

👉🏻 नगर पालिका इटावा के कार्यरत कर्मचारी राजीव यादव की आत्महत्या के बाद उसके दुखी परिजनों के प्रति भी शोक संवेदनाएं व्यक्त करने के बजाय इस चैनल ने सीधा राजीव यादव और उसके परिजनों को दोषी ठहराने के में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी?

👉🏻 यह वही चैनल है जिस चैनल ने असित यादव और सांसद जितेंद्र दोहरी के बीच हुए घटनाक्रम में बिना किसी जांच के सांसद जितेंद्र दोहरे का पक्ष लेते हुए पत्रकार असित यादव को गलत ठहराने के लिए पूरी तरीके से मुहिम चलाई और तमाम पत्रकारों को ठेंगा दिखाने का काम किया?

👉🏻अब बात रिचा तिवारी और सुघर सिंह जी की है इनके बीच वायरल,वायरस होने क़े समय आना- जाना,आव -भगत रही और उसके बाद मन मुटाव फिर जो घटनाक्रम सामने आया उस पर भी रिचा तिवारी के साथ मिलकर उसे जातीय रंग देने का पूरा प्रयास करने में पीछे नहीं हटे। सच्चाई यह है कि उसमें कुछ पीछे वाले लोग जिनसे पत्रकारों का विवाद हुआ वह लोग भी इनके साथ जुड़े हुए हैं ताकि मामला को बहुत हाईलाइट किया जा सके किंतु ऐसा संभव नहीं हो सका.

👉🏻लगातार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश जी को टारगेट कर कहा जा रहा है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें। जबकि सत्यता यह है कि कथा वाचक मुकुट मणि के मामले में इसी इटावा लाइव ने समाजवादी पार्टी के लोगों को, यादव समाज के लोगों को और राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव को भी निशाना बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी।

👉🏻अब दूध के धुले महान पत्रकारिता वाले अपने आप को फिर से यह साबित करने का प्रयास कर रहे हैं कि हम बहुत महान हैं। आई एम वेरी ग्रेट, माय चैनल इस वेरी ग्रेट, माय कास्ट इस वेरी ग्रेट। हम भी कह रहे हैं तुस्सी ग्रेट।

👉🏻ऊपर से सभी को लगातार धमकी कि जो भी इनके साथ आएगा वह भी जेल जाएगा या उसका भला बुरा कर दिया जाएगा। यही है चैनल की विशेष महानता.

👉🏻सम्मानित जनता सोचे विचार करे कि दिस इस ग्रेट या लालच इस दि ग्रेट