कम्बोडिया में अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन का समारोह,डॉ. रामकृष्ण राजपूत के मुख्य आतिथ्य में पुस्तक विमोचन, सम्मान
कम्बोडिया में अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन का समारोह,डॉ. रामकृष्ण राजपूत के मुख्य आतिथ्य में पुस्तक विमोचन, सम्मान
रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077
फर्रुखाबाद शहर के पल्ला पार्क स्थित अपने निवास पर डॉ. रामकृष्ण राजपूत ने एक प्रेसवार्ता की। उन्होंने विदेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन सम्मेलन के बारे में जानकारी दी।
यह समारोह कम्बोडिया में डॉ. रामकृष्ण राजपूत के मुख्य आतिथ्य और मंजुला दास की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रचना विमल ने विषय प्रवर्तन किया।
डॉ. विमल ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन सम्मेलन के साथ-साथ भारतीय कला, भाषा, साहित्य और धर्म की विवेचना की। उन्होंने इसके ऐतिहासिक महत्व और उपादेयता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कम्बोडियाई संस्कृति में भगवान विष्णु और थाईलैंड की सुवर्ण भूमि की महत्ता को प्रतिपादित किया। डॉ. विमल ने भारतीय संस्कृति के विस्तार और भारत से उद्भूत बौद्ध संस्कृति के विश्वव्यापी प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
डॉ. विमल ने समारोह के वयोवृद्ध मुख्य अतिथि और लब्धप्रतिष्ठ विद्वान, पुरातत्वविद एवं साहित्यकार डॉ. रामकृष्ण राजपूत की विद्वता, लोकप्रियता और विविध विषयी ज्ञान की सराहना की। उन्होंने उनकी उपस्थिति को आयोजन का सौभाग्य बताया। इसके बाद, डॉ. राजपूत की हाल ही में प्रकाशित दो पुस्तकों 'मलेशिया-कम्बोडिया यात्रा' और 'इंग्लैंड की यात्रा 2000' का विमोचन किया गया।
इस समारोह में हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉ. विमल, उत्तराखंड से जगमोहन आज़ाद, गुजरात से सुनील भटनागर और लखनऊ से पूर्व प्राचार्य गौरीशंकर गुप्ता टी. की प्रमुख भागीदारी रही। विभिन्न भाषाओं में काव्य प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिससे लोक विधाओं, संगीत और कला की साहित्यिक समीचीनता पर चिंतन हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. रामकृष्ण राजपूत को नेताजी सुभाष चंद्र बोस और किंग नोरोडोम सिंहानुक सम्मान से सम्मानित किया गया। भारत के अन्य प्रतिभागियों के अलावा, श्रीमती बेनेरी मेम, हेंग च्यु किम पाट, कोम जेन लांग, कार्न रोन पिसे हिम मोनकी साल्व रिचिस्थ टाम्न छुनकी और मि. एन सुमेट गुजरात जैसे विदेशी प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। इसमें डॉ. मंजुला दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रतिनिधिमंडल ने यूनेस्को धरोहर के रूप में संरक्षित कई दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया। इनमें 162.6 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला अंकोरवाट, 12वीं सदी के खमेर शासन का विष्णु मंदिर, गैलरी नोम पेन्ह का रॉयल पैलेस, सिल्वर पैगोडा, अंकोर के ध्वंसावशेष, रॉयल गार्डन, टयोल स्लैंग जेनोसाइड नेशनल म्यूजियम और सिविल वॉर स्मृति कारागार शामिल थे।रामादा सभा का कम्बोडिया मैं प्रस्तुत विमोचन एवं साहित्यकार इतिहासकार और विशिष्ट प्रतिमा सम्मान समारोह अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन का कम्बोडिया समारोह
डॉ रामकृष्ण राजपूत के मुख्य आतिथ्य और मंजुला दास की अध्यक्षता में संपन्न इस समारोह में दिल्ली वि0 वि0 प्रोफेसर डॉक्टर रचना विमल ने विषय प्रवर्तन करते हुए अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन सम्मेलन तथा भारतीय कला भाषा साहित्य धर्म की विवेचना तथा उसके ऐतिहासिक महत्व और उपादेयता पर प्रकाश डालकर कम्बोडिया संस्कृति में विष्णु और थाईलैंड की सुवर्ण भूमि की महत्ता को प्रतिपादित किया उन्होंने भारतीय संस्कृति के विस्तार के साथ-साथ भारत के उदभूत बौद्ध संस्कृति के विश्व में हुए प्रचार प्रसार का भी महत्व बताया उन्होंने समारोह के वयोवृद्ध मुख अतिथि एवं लब्धप्रतिष्ठ विद्वान पुरातत्वविद साहित्यकार का डॉक्टर रामकिशन राजपूत की विद्वता लोकप्रियता और विविध विषयी विषयी ज्ञान का उल्लेख करते हुए उनकी महत्वपूर्ण उपस्थित को आयोजन एवं समारोह का सौभाग्य बताया l तदुपरान्त उन्होंने डॉक्टर राजपूत की शध प्रकाशित दो पुस्तकों मलेशिया- कम्बोडिया यात्रा तथा इंग्लैंड की यात्रा 2000 का विमोचन करते हुए विश्व में उनकी साहित्यिक एवं संस्कृति उपलब्धियां पर प्रकाश डाला l अन्य विद्वान वक्ताओं के विचारों तथा विमोचित समीक्षित पुस्तकों की संख्या के क्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर राजपूत जी ने अपनी विचारभिव्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य इतिहास कला संस्कृति आदि के क्षेत्र में भारत का सराहनीय योगदान रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारी उपस्थिति अन्य लोगों को प्रेरणा प्रदान करती है सम्मेलन की कविता की विद्याये रही रचना विमर्श कि केंद्र बिंदु सुभाष चंद्र बोस की सदांता संघर्ष की कार्य स्थिति तथा किंग नोरोडाम सिंहानोक किंग नवम पुनीपोन क्वीन श्रीकिट भी चर्चा का विषय रहे एशिया के दो देश कम्बोडिया और थाईलैंड के नोम पेन्ह तथा बैंकॉक पैलेस मैं यश भारती उच्च उपाधिधारक डॉ रामकृष्ण राजपूत डी0लीट के मुख्य आतिथ्य मैं संपन्न हुए सम्मेलन में हिंदी भाषा के अन्य विज्ञानियों सहित विविध हा भाषी संगमन भी इसका साक्ष्य बना l सिटी रिवर की क्रूज रंगारंग संस्कृति है संध्या के नृत्य और गायन की गीत संगीत प्रस्तुतियां भी इस विशिष्ट एवं विद्धत जनसमूह का प्रमाण बानी हम लोग भगवान विष्णु के देश कम्बोडिया तथा सुवर्ण भूमि थाईलैंड में भारतीय धर्म संस्कृति इतिहास और कल के प्रतिभागी बनकर आए हैं डॉक्टर राजपूत के 68 पुस्तकों के सृजन अनेक पत्रिकाओं के संपादन संग्रहित संस्कृति संपदा निस्पृह एवं वाकविद्रता और उनका देश-विदेश में प्राप्त राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी उनकी महनियंता और गहनियता उदारता को प्रतिबिम्बित है सम्मेलन के प्रवासी स्थानीय तथा अन्य वक्ताओं में साहित्यक परिचर्चा करते हुए पद्य विधिक की उप विधाओं गीत गजल मुक्तक नई कविता छन्दबद्ध छन्दमुक्त मात्रिक वा हाइकु महाकाव्य खंडकाव्य आदि पर विचार विमर्श एवं वक्तव्य की शंकालत चली जिसमें डॉक्टर मधु महिमा भटनागर डॉक्टर कुंतला दत्त गोहाटी आसाम डॉक्टर डॉक्टर मंजुला दास पूर्व आचार्य सत्यवती कॉलेज दिल्ली डॉक्टर रचना विमल हिंदी विभाग दिल्ली वि0 वि0 जगमोहन आज़ाद उत्तराखंड श्री सुनील भटनागर गुजरात श्री गौरी शंकर गुप्ता पूर्व प्राचार्य लखनऊ की प्रमुख भागीदारी रही विभिन्न भाषाओं में अपनी काव्य पुष्टि प्रस्तुत करके लोग विधाओं की संगीत कला आदि भी साहित्यक समीचीनता के चिन्तन केंद्र बने मुख्य अतिथि डॉक्टर रामकृष्ण राजपूत को नेताजी सुभाष चंद्र बोस व किंग नोरोडोम सिंहानुक सम्मान प्रदान किया गया भारत के अन्य भागीदारियों के अलावा विदेशी भागीदारियों में श्रीमती बेनेरी मेंम हेंग च्यु किम पाट कोम जेन लांग कार्न रोन पिसे हिम मोनकी साल्व रिचिस्थ टाम्न छुनकी मि0 एन सुमेट गुजरात की डॉक्टर मंजू महिमा भटनागर दिल्ली के सत्यवती महाविद्यालय की से0 नि0 प्रधानाचार्य डॉक्टर मंजुला दास डी0 लिट डॉक्टर सुधीर अग्रवाल डॉक्टर श्रीमती सीमा अग्रवाल डॉक्टर प्रो0 कुंतल दास असम गुवाहाटी डॉक्टर गौरी शंकर गुप्ता उत्तराखंड के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य उत्तराखंड के प्रख्यात पत्रकार महोदय प्रो
0 जगमोहन आज़ाद श्री यशी दुबे को सम्मानित किया गया कंम्बोडिया के स्थानीय लगभग एक दर्जन अप्सरा के विविध आकर्षक उत्कृष्ट लोकनृत्यों की भारतीय शैली के लोकनृत्यों से तुलना की गई है जिसमें डॉक्टर मंजुला दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही हमारे प्रमुख दर्शनीय स्थल यूनेस्को धरोहर के रूप में संरक्षित 162.6 हेक्टर क्षेत्र में पहले अंक करोवाट के बुद्ध मंदिर श्रृंखला 12वीं सदी के खमेर शासन की विष्णु मंदिर गैरली नोम पेन्ह का रॉयल पैलेस सिल्वर वृद्ध विशाल क्षेत्र में पहले अंगकोर के ध्वंसवशेष रॉयल गार्डन टयोल स्लैंग जेनोसाइड नेशनल म्यूजियम सिविल वॉर स्मृति कारागार अत्याचार भारत के पोर्ट ब्लेयर की तरह पटाया का दुर्लभ प्रकाश अलाजार शो कोरल आइलैंड पैरा ग्लाइडिंग समुद्री यात्रा रिक्लाइनिंग वृद्ध मंदिर सफारी लायन वर्ल्ड पार्क थाईलैंड जू बैंकॉक सिटी रात्रि की पटाया सिटी की बस छत से यात्रा वाट ट्रेमिट वाटफो ग्राउंड पैलेस वाट अरुन रामा अष्टम ब्रिज गोल्डन बुद्ध प्रीच अंगचार्य एलिफेंट टेरेज आदि अनुपम अद्वितीय एवं विश्व प्रसिद्ध रहे l पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट कोलकाता, सुवर्ण भूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बैंकॉक टेक्नो इंटरनेशनल एयरपोर्ट श्याममरीप डांग म्यूअंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पटाया l हमारे प्रतिनिधि मंडल की साहित्यिक यात्रा के गवाह बने जिसमें से थाईलैंड सुवर्ण भूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बैंगकॉक अभी विस्तारण की प्रक्रिया में है बॉर्डर वर्ल्ड ट्रेवल्स के संयोजक श्री कुण्डल जैन के समुचित्यता प्रबंधक ठहराव विश्राम और समन्वय की भूमिका का निर्वाह करके योगदान करके योगदान किया l
थाईलैंड में पटाया का दुर्लभ प्रकाश अलाजार शो, कोरल आइलैंड, पैराग्लाइडिंग, समुद्री यात्रा, रिक्लाइनिंग बुद्ध मंदिर, सफारी लायन वर्ल्ड पार्क और थाईलैंड जू प्रमुख आकर्षण रहे। बैंकॉक सिटी और पटाया सिटी की बस छत से रात्रि यात्रा भी की गई। वाट ट्रेमिट, वाटफो, ग्रैंड पैलेस, वाट अरुन, रामा अष्टम ब्रिज, गोल्डन बुद्ध, प्रीच अंगचार्य और एलिफेंट टेरेस जैसे अनुपम और विश्व प्रसिद्ध स्थल भी देखे गए।
इस साहित्यिक यात्रा के दौरान पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का उपयोग किया गया: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली, सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट कोलकाता, सुवर्ण भूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बैंकॉक, टेक्नो इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिएम रीप और डॉन मुएंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पटाया। थाईलैंड का सुवर्ण भूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बैंकॉक वर्तमान में विस्तारण की प्रक्रिया में है। बॉर्डर वर्ल्ड ट्रेवल्स के संयोजक श्री कुण्डल जैन ने इस यात्रा के समुचित प्रबंधन, ठहराव, विश्राम और समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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