इटावा/जसवंतनगर: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में तहसील पर अधिवक्ताओं का धरना

 एम.एस वर्मा 

मनोज कुमार 

ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में तहसील पर अधिवक्ताओं का धरना

जसवंतनगर। प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टांप वेंडरों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों के रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा। इससे वर्षों से पंजीकरण कार्य से जुड़े हजारों लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से संवाद किया जाए तथा अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टांप विक्रेताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस दौरान अधिवक्ता संजीव यादव, सौमिल सक्सेना, मनोज सिंह, संदीप वर्मा, सौरभ यादव, रवि यादव, मानसिंह यादव, अनिल तिवारी, बृजराज सिंह, विनीता यादव, अंकित यादव, रामगोपाल, अवधेश यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक एवं स्टांप वेंडर मौजूद रहे।