देवघर: मानव जन्म का उद्देश्य आत्मिक उन्नति हैं -- स्वामी यादवेन्द्रानंद जी


मानव जन्म का उद्देश्य आत्मिक उन्नति हैं -- स्वामी यादवेन्द्रानंद जी 

श्री रामचरितमानस -सह- गीता ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन

देवघर।दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा तीन दिवसीय श्री राम चरितमानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन परिणय वाटिका, दर्शनीया मोड़, देवघर में दिनांक 15 से 17 मई 2026 तक आरंभ हुआ।जिसका समय संध्या 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक हैं। इस कार्यक्रम के प्रथम दिन सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी यादवेन्द्रानंद जी ने कहा कि आज के मानव भौतिकतावादी युग में विज्ञान और तकनीक में तो आगे बढ़ रहा है, किंतु आंतरिक शांति और संतोष से कोसों दूर है। जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल भौतिक प्रगति नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति है। 

स्वामी यादवेन्द्रानंद जी ने आगे बताया कि मानव तन बड़ा दुर्लभ है, और साथ में क्षणभंगुर भी है,यानि जो कभी भी नष्ट हो सकता हैं। आज इंसान की सबसे बड़ी जरूरत इस तन के रहते रहते संसार के परम सत्य ईश्वर को प्राप्त करने की हैं ।जिससे मानव जन्म सार्थक हो सके। गुरु की कृपा से जीव आत्मा के भीतर विद्यमान परमात्मा का प्रत्यक्ष अनुभव करता है ,और यहीं से जीवन में प्रेम, शांति और करुणा का प्रवाह आरंभ होता है। "बड़े भाग्य मानुष तन पावा। सुर दुर्लभ यह ग्रन्थ ही गवा।।"

मानव जीवन दुर्लभ है, इसे केवल सांसारिक सुखों में व्यर्थ न करें।

इस में मंचाशीन साध्वी सुनीता भारती, सोनिया भारती, गायिका सरिता भारती, गायक पवन जी, तबला वादक रवि और चंदन जी साथ में स्टेज का संचालन सोनिया भारती जी ने की ।कार्यक्रम की समाप्ति पावन आरती से हुई । यह जानकारी समाज सेवी श्री प्रभाष गुप्ता ने दी।