डॉ. सुबोध यादव को पुलिस ने दोबारा नोटिस चस्पा किया,न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे में विवेचना लंबित

डॉ. सुबोध यादव को पुलिस ने दोबारा नोटिस चस्पा किया,न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे में विवेचना लंबित
रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077
मऊ दरवाजा पुलिस ने डॉ. सुबोध यादव के आवास पर दोबारा नोटिस चस्पा किया है। यह कार्रवाई 30 मई 2026 को की गई। वरिष्ठ उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, जो इस मामले के विवेचक हैं, ने स्वयं डॉ. यादव के निवास पर जाकर नोटिस लगाया।
डॉ. सुबोध यादव, पुत्र रामेश्वर यादव, निवासी मकान नंबर 1/453, जे.एन.वी. रोड, फतेहगढ़, कोतवाली फतेहगढ़, जनपद फर्रुखाबाद, इस मुकदमे के वादी हैं। न्यायालय के आदेश पर धारा 173(4) BNSS के तहत मऊ दरवाजा थाने में अपराध संख्या 181/2026, धारा 337/201 BNSS के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
विवेचक के अनुसार, मुकदमे की अग्रिम कार्रवाई पूरी करने के लिए डॉ. यादव के बयान और घटनास्थल का निरीक्षण आवश्यक है। पहले, डॉ. यादव के घर पर ताला लगा होने के कारण 16 मई 2026 को उनके पते पर नोटिस चस्पा किया गया था और सूचना समाचार पत्रों में भी प्रकाशित की गई थी।

सूचना मिलने के बाद, डॉ. यादव ने 17 मई 2026 को दूरभाष पर विवेचक को बताया था कि उनके पिता का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और वे हैदराबाद में उपचाराधीन हैं। उनके बयान दर्ज न होने और घटनास्थल का निरीक्षण न होने के कारण मुकदमे की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित है।

पुलिस ने डॉ. यादव को पुनः सूचित किया है कि वे नोटिस प्राप्ति के दो दिनों के भीतर अपने बयान दर्ज कराने और घटनास्थल का निरीक्षण कराने के लिए विवेचक के समक्ष उपस्थित हों, ताकि मुकदमे में अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी की जा सके। वरिष्ठ उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, थाना मऊ दरवाजा, फर्रुखाबाद, इस मामले के विवेचक हैं।

वरिष्ठ उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि डॉ. सुबोध यादव ने रजिस्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 16 मई 2026 को पहला नोटिस चस्पा किया गया था, जिसके बाद डॉ. यादव ने अपने पिता के अस्वस्थ होने का कारण बताया था। विवेचना लंबित होने के कारण ही आज दोबारा नोटिस चस्पा किया गया है।