फर्रुखाबाद समेत कानपुर मंडल में रेड अलर्ट,अगले 48 घंटों में भारी बारिश, आंधी-तूफान की आशंका

फर्रुखाबाद समेत कानपुर मंडल में रेड अलर्ट,अगले 48 घंटों में भारी बारिश, आंधी-तूफान की आशंका

रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले सहित कानपुर मंडल में आगामी 48 घंटों के दौरान मौसम अत्यंत सक्रिय और प्रतिकूल रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), लखनऊ ने 29 और 30 मई 2026 के लिए "रेड अलर्ट" जारी करते हुए आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार, फर्रुखाबाद जनपद को "चेतावनी – कार्रवाई करें" श्रेणी में रखा गया है। इस अवधि में गरज-चमक, तेज आंधी/अंधड़, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। तेज हवाओं की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने और कुछ स्थानों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

यह स्थिति जनजीवन, विद्युत आपूर्ति, यातायात और कृषि गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। वर्तमान में कानपुर मंडल के अधिकांश जनपदों में दिन और रात दोनों के तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे गर्मी और उमस बनी हुई है।

फर्रुखाबाद सहित औरैया, इटावा, कन्नौज, कानपुर नगर और कानपुर देहात में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3.0°C तक अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C तक अधिक बना हुआ है।

आगामी 28 मई 2026 को फर्रुखाबाद जिले में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और बौछारें पड़ने की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से धूल भरी आंधी चल सकती है। कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बने रहने के साथ-साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की तीव्र गति से आंधी/अंधड़ एवं ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट का अनुमान लगाया है। इसके बाद पुनः 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और अंधड़ के दौरान सुरक्षित रहने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। लोगों को पक्के मकान या सुरक्षित भवन के अंदर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और बिजली के उपकरणों के प्लग निकालने की सलाह दी गई है। टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर आदि बंद रखें और मोबाइल फोन चार्ज रखें। टॉर्च, मोमबत्ती और दियासलाई जैसी आवश्यक वस्तुएं तैयार रखें।

पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। किसान भाई कटी हुई फसल को ढककर सुरक्षित रखें तथा सिंचाई एवं छिड़काव कार्य स्थगित करें। यदि बाहर फंस जाएं तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्की इमारत में शरण लें या वाहन में हों तो वाहन के अंदर ही रहें एवं शीशे बंद रखें। किसी भी आपातस्थिति में 1070 (जिला आपदा नियंत्रण कक्ष) अथवा 112 पर संपर्क करें।