इटावा/जसवंतनगर: चार दिन से रातभर बिजली गुल, भीषण गर्मी में ग्रामीणों का जीना मुहाल; 33 केवी लाइन का तार टूटने से संकट और गहराया

 चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा 

मनोज कुमार 


Lचार दिन से रातभर बिजली गुल, भीषण गर्मी में ग्रामीणों का जीना मुहाल; 33 केवी लाइन का तार टूटने से संकट और गहराया

जसवंतनगर। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले चार दिनों से हालात ऐसे बने हुए हैं कि रात के समय बिजली लगभग पूरी तरह गुल रहती है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को रायनगर से आने वाली 33 केवी लाइन का तार टूट जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई।

ग्रामीणों—विमला देवी, उषा लता, रामकली, सुरेश, आलोक, लल्लन, श्याम बिहारी, सोनू, इच्छा राम और अतुल—ने बताया कि विभिन्न फीडरों पर रातभर ‘पनकी कोड’ के तहत बिजली कटौती की जा रही है। पूरी रात में महज एक-दो घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है, जिससे लोग हाथ से पंखा झलकर और मच्छरों के बीच रात गुजारने को मजबूर हैं। पहले जहां सुबह कुछ राहत मिल जाती थी, वहीं शनिवार को तार टूटने के कारण दिन में भी बिजली के दर्शन नहीं हुए।

उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह अनियमित हो गई है और निर्धारित शेड्यूल का पालन नहीं हो रहा। सरकार भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे बिजली देने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत में महज 4 से 5 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। आरोप है कि इमरजेंसी कटौती के नाम पर 10 से 12 घंटे बिजली बंद कर दी जाती है, जबकि लोकल रोस्टिंग से 6 से 7 घंटे अतिरिक्त कटौती हो रही है। इसके अलावा फॉल्ट और शटडाउन के नाम पर भी 4 से 5 घंटे आपूर्ति बाधित रहती है।

शुक्रवार को बलरई, जुगोरा, सिरसा बिबामऊ, जसवंतनगर ग्रामीण और फतेहपुरा समेत करीब नौ फीडरों से जुड़े दो सौ से अधिक गांवों में दिनभर कटौती की गई। रात में भी हालात बदतर रहे और शनिवार तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस संबंध में एसडीओ आनंद पाल सिंह ने बताया कि 33 केवी लाइन का तार टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हुई है और टीम मौके पर मरम्मत कार्य में जुटी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रात में ‘पनकी कोड’ के तहत कटौती की जा रही है, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

फ़ोटो: रायनगर से ग्रामीण क्षेत्रो में जानी वाली 33 केवी का टूटा तार