इटावा/जसवंतनगर: कलश यात्रा के साथ देवी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ वातावरण
चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा
मनोज कुमार
कलश यात्रा के साथ देवी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ वातावरणजसवंतनगर। बलरई क्षेत्र के नागला तौर पंचायत स्थित सप्तधारा कुंड आश्रम, ब्रह्माणी देवी मार्ग पर गुरुवार से नवम परायण ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत देवी श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस श्रद्धालुओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा में क्षेत्र के ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
कलश यात्रा का शुभारंभ खारजा झाल से हुआ, जो ठाकुर जी मंदिर, गमा देवी मंदिर और हनुमान मंदिर होते हुए डमरू, ढोल-मंजीरों की मधुर धुन के साथ गांव की गलियों से गुजरती हुई कथा स्थल सप्तधारा कुंड पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा पूर्ण की, जो श्रद्धा, आस्था और संस्कृति का प्रतीक रही। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत भी किया।कन्नौज से पधारे सरस कथावाचक आचार्य आनंद वर्धन दुबे ने बताया कि देवी श्रीमद्भागवत कथा का प्रारंभ कलश यात्रा के बाद ही होता है। उन्होंने कहा कि कलश मानव जीवन के हर संस्कार से जुड़ा होता है। जन्म से लेकर मृत्यु तक इसका विशेष महत्व है। कलश पर रखा नारियल हमें यह शिक्षा देता है कि परिवार का मुखिया ऊपर से कठोर और अंदर से कोमल होना चाहिए, जबकि फूलों की माला यह संदेश देती है कि मनुष्य का जीवन भी दूसरों के लिए सुगंधित और प्रेरणादायक होना चाहिए।स्वागतकर्ता हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि कथा श्रवण से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। यह कथा 20 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च को समापन व भंडारे के साथ संपन्न होगी।
इस अवसर पर श्री 1008 जम्बू दास जी महाराज, श्री 1008 हरिदास जी महाराज,श्याम बाबा, सावलिया बाबा, महेश बाबा, वच्चा बाबा, पंकज बाबा, रतन दास,श्री1008बालक दास जी महाराज, श्री1008जमुना दास जी महाराज, सरयू दास नागाबाबा,माखन बाबा, दुबे बाबा, गिरवर बाबा,धर्मवीर सहित कई संत-महात्मा एवं क्षेत्रीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।फोटो:-कलश यात्रा में श्रद्धालु
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