चिरमिरी: चिरमिरी में अवैध ईट भट्टे अवैध मिट्टी खनन खनिज विभाग एसडीएम तहसील की खुली छूट कारोबारी के लिए

संवाददाता:  विनोद कुमार पांडे 

 चिरमिरी में अवैध ईट भट्टे अवैध मिट्टी खनन खनिज विभाग एसडीएम तहसील की खुली छूट कारोबारी के लिए

चिरमिरी हल्दीबाडी वार्ड 12, बड़ी बाजार पहुंच पुराने मार्ग , काली मंदिर के पास दिनदहाड़े अवैध मिट्टी कटिंग का काम खुलेआम जारी है। मौके पर जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों की मदद से पहाड़ों को काटकर समतल किया जा रहा है। हालत यह है कि वन क्षेत्र के कई पेड़ हवा में लटके हुए नजर आ रहे हैं, वन.पर्यावरण का सीधा नुकसान पहुंचा जा रहा है

स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां लंबे समय से अवैध खनन का यह खेल चल रहा है। कैमरे या किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी का आभास होते ही मिट्टी खनन में लगे लोग कुछ देर के लिए काम रोक देते हैं, लेकिन थोड़ी ही देर बाद फिर से वही गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। यहां से निकाली गई मिट्टी सीधे अवैध ईंट भट्ठों में खपाई जा रही है।
शहर और आसपास के इलाकों में अवैध ईंट भट्ठों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। डोमहिल मुक्तिधाम, बड़ी बाजार टिकरापारा, ओसीएम कोयला खदान तहसील कार्यालय के पीछे ओसीएम बैगापारा बारतुगा और कुसिया की बंद पड़ी खदान अग्रेसन तिराहा.के पुरानी रोड मार्ग तक अवैध गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि इन ईंट भट्ठों में इस्तेमाल होने वाला कोयला आखिर कहां से आ रहा है। सारे ईट भटटे माइंस के बगल में या बंद पड़ी माइंस में संचालित एक-एक जगह.संचालित अनगिनत कारोबारी की दुकान चर्चा है
कि अवैध कोयला खनन, सरकारी भूमि पर मिट्टी कटिंग और पेड़ों की कटाई एक संगठित रैकेट के तहत की जा रही है। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े और गंभीर मामलों का खुलासा हो सकता है।
यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में चिरमिरी के चारों ओर सिर्फ अवैध ईंट भट्ठे, उजड़े पहाड़ और नष्ट होता जंगल ही नजर आएगा।
सवाल यह है कि एसडीएम, तहसीलदार, खनिज विभाग और वन विभाग.अन्य जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब ठोस कार्रवाई करेंगे, क्योंकि अब तक किसी भी विभाग की प्रभावी कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है, जबकि शासन को राजस्व और पर्यावरण दोनों स्तर पर भारी नुकसान हो रहा है क्या अधिकारियों की जेब गर्म हो रही है। अगर नहीं तो कार्यवाही धरातल पर क्यों नहीं दिख रही है