कन्नौज: कन्नौज जेल से 2 कैदी फिल्में स्टाइल से हुए फरार।
पार्टी का फायदा उठाकर कैदियों ने कंबलों को आपस में बांधा और दीवार को फांदकर भाग निकले। रात में जेल के सभी कैदियों को बैरक भेजा गया, लेकिन गिनती नहीं हुई थी।
सोमवार सुबह 11 बजे जब सभी कैदी निकाले गए तो गिनती में दो कैदी कम निकले। पहले जेल प्रशासन इसे छिपाने की कोशिश करता रहा और खोजबीन जारी रखी। जेल प्रशासन ने पार्टी के सबूत भी मिटा दिए। लेकिन डीएम-एसपी को इस बात की भनक लग गई। वे समाधान दिवस छोड़कर जिला जेल पहुंचे। तब जेल प्रशासन ने उनके सामने सच्चाई कबूली।डीएम ने शासन को रिपोर्ट दी है। डीजी जेल पीसी मीणा ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेलर विनय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। कानपुर रेंज के डीआईजी जेल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
वहीं, जेल वार्डर अतुल मिश्रा और नवीन कुमार वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने सस्पेंड किया है। कुल 6 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है।अब विस्तार से पूरा मामला जानिए...
जेल की पूर्वी दीवार पर लटकाई कंबल से बनी रस्सी
जिला मुख्यालय से करीब 17 किमी दूर गुरसहायगंज थाना क्षेत्र में अनौगी गांव के पास जिला जेल है। जेल में 660 कैदी रखे जा सकते हैं। इस समय 440 कैदी बंद हैं। इसकी दीवारें करीब 22 फीट ऊंची हैं।
जेल में पार्टी थी। डीजे बज रहा था। शोर और बंदी रक्षकों की लापरवाही का फायदा उठाकर कैदी अंकित और शिवा फरार हो गए। उन्होंने कई कंबलों को जोड़ा और उसे रस्सी की तरह इस्तेमाल किया।सोमवार सुबह बैरक से बंदियों को निकालकर रोज की तरह गिनती की गई। जिसमें अंकित और शिवा नहीं मिले। इस पर जेल प्रशासन परेशान हो उठा।
जेल प्रशासन ने मामले को दबाना चाहा, पार्टी के सबूत मिटाए
जेल प्रशासन ने पहले तो कैदियों के भागने की जानकारी छिपाई। जेल के अंदर ही कैदी शिवा और अंकित की तलाश की गई। जेल परिसर के आसपास देखा गया। जेल गेट के बगल की पूर्वी दीवार के सहारे रस्सीनुमा कम्बल लटके दिखाई दिए तो जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत पार्टी के सबूत मिटाए।
तो क्या बाहर थे कुछ लोग, जो मददगार बने?
जेल की जिस पूर्वी दीवार दीवार को फांदकर कैदी भागे है, वह जेल की सबसे ऊंची और मुख्य दीवार है। कंबलों को जेल की दीवार के ऊपरी छोर पर बांधना मुश्किल काम है। ऐसे में संभल है कि बाहर की ओर से कुछ लोग कंबल को मजबूती से पकड़े रहे हों और उसी के सहारे बंदी पहले दीवार पर चढ़े और फिर बाहर की तरफ उतर कर भागे हों। कंबल वही इस्तेमाल किये गए जो जेल में बंदियों को ओढ़ने के लिए दिए जाते हैं।"
जेल के पीछे खेत, वॉच टावरों पर सुरक्षाकर्मी नहीं
कैदियों के फरार होने की जानकारी मिली तो डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी बिनोद कुमार तुरंत जेल पहुंचे। उस समय डीएम र एसपी सदर तहसील में समाधान दिवस में समस्याएं सुन रहे थे।
उन्होंने जेल अधिकारियों से मुलाकात की और फिर उस जगह जाकर भी देखा, जहां से दीवार फांदकर बंदी भागे निकले थे। जेल की बाउंड्री के बाहर खेत हैं। दोनों बंदी खेतों से होते हुए आराम से फरार हो गए।
जेल के चारो तरफ वॉच टावर लगे हैं, लेकिन इस पर सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर नहीं रहते। अगर वॉच टावर से निगरानी की जा रही होती तो भागने का प्रयास करते वक्त बंदी पकड़े जाते।
दावा- एक दिन पहले थी पार्टी
"कैदियों के भागने के बाद जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का एक वीडियो सामने आया है, जोकि जेल के अंदर पार्टी का है। दावा किया गया कि जेल में सोमवार रात नए साल के जश्न में पार्टी की गई। डीजे बजाया गया। इसकी जानकारी बंदियों को पहले से हो गई थी। कैदी अंकित और शिवा ने पार्टी से पहले ही फरार होने प्लानिंग बना ली थी।"
जेल अधीक्षक ने पार्टी के 6 स्टेटस लगाए
जेल अधीक्षक ने पार्टी के वीडियो को अपने वॉट्सऐप स्टेट्स पर लगाए थे। इसे उनके किसी कॉन्टैक्ट के व्यक्ति ने डाउनलोड कर लिया था। इसके बाद जेल में पार्टी किए जाने की हकीकत सामने आई। उन्होंने वॉट्सऐप पर 6 वीडियो स्टेट्स पर लगाए थे। इसमें दो वीडियो अलग-अलग लोकेशन के हैं और वह उनमें गाना गाते नजर आ रहे हैं, जबकि एक बंदी रक्षक जमकर डांस करता दिखाई दे रहा है।
कैदियों को जानिए....
• जेल से भागने वाले कैदी अंकित और डिम्पी उर्फ शिवा शातिर अपराधी हैं। दोनों कन्नौज के रहने वाले हैं। अंकित पुत्र प्रेम चंद्र का घर तालग्राम गांव में है। उसे 10 जून, 2025 को चोरी और अवैध असलहे के साथ पकड़ा गया था। उस पर पुलिस ने 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में जेल भेज गया था।"
दूसरा कैदी डिम्पी उर्फ शिवा मलगवां थाना क्षेत्र के ठठिया गांव का रहने वाला था। उसने एक नाबालिग लड़की के साथ रेप किया था। वह 20 दिसंबर, 2025 को पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा गया था। दोनों विचाराधीन बंदी है। उनके केस पर कोर्ट से फैसला होना बाकी है।
डीआईजी बोले- कैदियों ने सरिया में फंसाया था कंबल
डीआईजी जेल डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने निरीक्षण किया। करीब 50 मिनट तक वह जेल में रहे और घटना की जानकारी ली। बाहर आने पर उन्होंने कहा- दोनों बंदी जेल की उस जगह पर पहुंच गए थे, जो बंदियों के लिए प्रतिबंधित है। सीसीटीवी चेक किए गए हैं। कर्मियों से बात की है। जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्यवाही की जाएगी।
डीआईजी ने जेल कर्मियों की मिलीभगत होने से इनकार किया है। बंदियों ने कम्बल की रस्सी बनाकर दीवार में एक छोटी सी सरिया निकली थी, उसमें फंसा लिया और दीवार फांद कर निकल गए। मामले की जांच चल रही है।"
अपनी बारी आने का इंतजार करते दिखे परिजन
जेल में बंद लोगों से मुलाकात करने पहुंचे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। कैदियों के भागने के बाद जेल में बंद लोगों की उनके परिजनों से मुलाकात रोक दी गई। हर दिन दो बजे तक ही मुलाकात होती थी, लेकिन सोमवार को दो बजे के बाद मुलाकात की प्रक्रिया शुरू कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जेल चौकी के पास बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।"
जेल प्रशासन बोला- दो दिन पहले हुई थी पार्टी
जेल प्रशासन ने पार्टी के वायरल वीडियो को दो दिन पुराना बताया है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया- कैदियों के भागने के मामले में बंदी रक्षकों के स्तर से चूक हुई है। फरार होने की घटना आज की ही है। जेल में पार्टी कब थी, इसकी जांच कराई जाएगी। जेल की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





