राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन
राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन
अयोध्या/रीवा: राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरा और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से धर्मनगरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई है।डॉ. वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी सूत्रधारों में से एक थे और उनका निधन अयोध्या के संत समाज तथा राजनीतिक गलियारों के लिए एक बड़ी क्षति है।
## राम मंदिर आंदोलन में निर्णायक भूमिका
डॉ. रामविलास दास वेदांती का जीवन राम जन्मभूमि आंदोलन को समर्पित रहा। उनकी भूमिका सिर्फ एक धर्मगुरु या राजनेता तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे आंदोलन की रणनीति के केंद्र में रहे।
* प्रमुख नेतृत्वकर्ता: वेदांती जी विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राम जन्मभूमि न्यास से गहराई से जुड़े रहे। वे आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही उग्र और निर्णायक रुख अपनाने वाले संतों में से थे।
* राजनीतिक उपस्थिति: वे फैजाबाद (अब अयोध्या) संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य के रूप में भी चुने गए, जिसने उन्हें आंदोलन को संसद और राष्ट्रीय राजनीति के पटल पर उठाने का मंच प्रदान किया।
* विवादित ढांचा ध्वंस: 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ध्वंस मामले में जो एफआईआर दर्ज हुई थी, उसमें वह भी एक प्रमुख आरोपी थे। उन्होंने हमेशा कहा कि उन्हें इस पर गर्व है कि वे राम मंदिर के लिए लड़े। बाद में, सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में उन्हें बरी कर दिया था।
* राम लला के समर्थक: वे वर्षों तक राम लला के भव्य मंदिर निर्माण की माँग को मुखर रूप से उठाते रहे और मंदिर आंदोलन से जुड़े हर बड़े कार्यक्रम, कार सेवा और धार्मिक अनुष्ठान में उनकी उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती थी।
उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब उनके वर्षों के संघर्ष का फल भव्य राम मंदिर के रूप में सामने आ चुका है, जो उनके अनुयायियों के लिए एक भावुक क्षण है।
## रीवा में बिगड़ी थी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती बीते कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के रीवा जनपद में प्रवास पर थे। रविवार को प्रवास के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें रीवा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सोमवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
## पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जाएगा
उनके उत्तराधिकारी और सहयोगी थोड़ी देर में डॉ. वेदांती का पार्थिव शरीर मध्य प्रदेश के रीवा से लेकर अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। अयोध्या पहुँचने के बाद उनके अंतिम दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। बताया जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार अयोध्या में ही होगा।
अयोध्या में संत समाज और उनके शिष्यों ने डॉ. वेदांती के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राम मंदिर निर्माण के बाद हुए इस निधन ने अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक जीवन में एक शून्य पैदा कर दिया है। डॉ. रामविलास दास वेदांती को उनके तपस्वी जीवन और राम मंदिर आंदोलन में निभाई गई निर्णायक भूमिका के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
