वेतन वृद्धि की उम्मीद और राजकोषीय हकीकत

 लखनऊ डेस्क प्रदीप शुक्ला 


वेतन वृद्धि की उम्मीद और राजकोषीय हकीकत

"वेतन आयोग का 'बाहुबली' उछाल: चुनावी गणित या आर्थिक अनिवार्यता?"

दिसंबर 2025 की सर्द सुबह में करोड़ों सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की चर्चा किसी गर्माहट से कम नहीं है। 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और 1 जनवरी 2026 से नए युग की शुरुआत होनी है। लेकिन क्या यह केवल एक 'नंबर गेम' है या इसके पीछे कोई गहरा आर्थिक दर्शन है?

1. फिटमेंट फैक्टर का पेंच:

कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.00 के बीच हो, ताकि न्यूनतम वेतन ₹51,000 के पार जा सके। वहीं, 2.15 का अनुमानित फैक्टर एक 'मध्य मार्ग' की तरह देखा जा रहा है। सरकार के लिए चुनौती यह है कि वह एक तरफ बढ़ती महंगाई (CPI-IW) को संतुलित करे और दूसरी तरफ अपने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को 4.5% के भीतर रखे।

2. महंगाई और खपत का चक्र:

वेतन आयोग केवल कर्मचारियों की जेब नहीं भरता, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 'डिमांड' का इंजन भी है। जब 1 करोड़ से अधिक लोगों के पास अधिक डिस्पोजेबल इनकम होगी, तो ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और रिटेल सेक्टर में उछाल आना तय है। 7वें वेतन आयोग ने जीडीपी में लगभग 0.4% का योगदान दिया था; 8वें से इससे भी बड़ी उम्मीदें हैं।

3. देरी और एरियर की राजनीति:

इतिहास गवाह है कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 1-2 साल का वक्त लगता है। हालांकि, सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानेगी, जिससे एरियर (Arrears) के रूप में एक बड़ी रकम कर्मचारियों को मिलेगी। लेकिन ध्यान रहे, सरकार अक्सर HRA जैसे भत्तों पर पिछला बकाया नहीं देती, जिससे वह हजारों करोड़ रुपये बचा लेती है।

8वां वेतन आयोग केवल 'वेतन वृद्धि' नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्षमता और निजी क्षेत्र के साथ प्रतिस्पर्धा का पैमाना है। जहाँ कर्मचारियों के लिए यह 'अच्छे दिन' का वादा है, वहीं सरकार के लिए यह वित्तीय अनुशासन की अग्निपरीक्षा। यदि सरकार और आयोग के बीच तालमेल सही रहा, तो यह 2026 के लिए सबसे बड़ा आर्थिक 'बूस्टर डोज' साबित होगा।

## मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए:

 DA मर्जर (DA Merger): कयास लगाए जा रहे थे कि 50% DA होने पर इसे बेसिक में मर्ज कर दिया जाएगा, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस पर चुप्पी साध रखी है। 8वें वेतन आयोग में DA फिर से 0% से शुरू होगा।

 पेंशनर्स को लाभ: फिटमेंट फैक्टर लागू होने से पेंशन में भी उसी अनुपात में वृद्धि होगी, जिससे 67 लाख से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

समय सीमा: आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए आमतौर पर 18 महीने का समय दिया जाता है, जिसका अर्थ है कि वास्तविक बढ़ा हुआ वेतन 2026 के मध्य या अंत तक ही खाते में आएगा।