जसवंतनगर/इटावा: अधूरे मूर्ति विसर्जन से आस्था का अपमान, श्री गणेश सेवा समिति ने किया विधिवत सम्मानजनक विसर्जन।

 चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा, 

मनोज कुमार, 

अधूरे मूर्ति विसर्जन से आस्था का अपमान, श्री गणेश सेवा समिति ने किया विधिवत सम्मानजनक विसर्जन।

जसवंतनगर/इटावा। धार्मिक आस्था और परंपराओं की गरिमा बनाए रखने की मिसाल पेश करते हुए श्री गणेश सेवा समिति द्वारा हाईवे स्थित नहर पर बने पुल के दोनों ओर बिखरी पड़ी देवी-देवताओं की मूर्तियों का विधिवत, श्रद्धा और सम्मान के साथ विसर्जन कराया गया। कुछ भक्तों द्वारा मूर्ति विसर्जन पूर्ण रूप से न किए जाने के कारण देवी-देवताओं की मूर्तियां पुल के दोनों किनारों, नहर तट पर झाड़ियों और पेड़ों के बीच पड़ी हुई थीं, जो आस्था के दृष्टिकोण से अत्यंत चिंताजनक स्थिति थी।

  समिति से जुड़े संजय कुमार, जीतू सोनी, अभिषेक पोरवाल, सोमेश गुप्ता, अजेंद्र गौर, अनूप राठौर, प्रदीप कुमार, टीटू कौशल, छुन्नू, गोविंद, अभय, सोनू सहित अन्य श्रद्धालुओं ने मौके पर पहुंचकर सभी मूर्तियों को एकत्रित किया, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और धार्मिक परंपरा के अनुसार उनका सम्मानजनक विसर्जन कराया। साथ ही मौके पर पड़ी पूजा सामग्री को अग्नि प्रज्वलित कर ‘स्वाहा’ किया गया तथा पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई कर उसे पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाया गया।
   इस अवसर पर समिति पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की कि मूर्ति विसर्जन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि धार्मिक कर्तव्य है, जिसे अधूरा छोड़ना देवी-देवताओं के सम्मान के विपरीत है। मूर्तियों को खुले में या जलस्रोतों के किनारे छोड़ना न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि पर्यावरण और सामाजिक व्यवस्था के लिए भी अनुचित है। सभी श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे मूर्ति विसर्जन निर्धारित स्थान पर, पूरी श्रद्धा और नियमों के अनुसार करें।

             समिति का यह कार्य न केवल धार्मिक चेतना को जागृत करने वाला है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि आस्था के साथ-साथ जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही आवश्यक है। 

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