जसवंतनगर/इटावा: सरकारी डॉक्टरों पर गंभीर आरोप

चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा

मनोज कुमार

सरकारी डॉक्टरों पर गंभीर आरोप, मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के खेल से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल

जसवन्त नगर। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में नगर की मोहल्ला कोठी कैस्त निवासी ने आरोप लगाया गया है कि सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात दो चिकित्सक—डॉ. शशिकांत एवं डॉ. तृप्ति शुक्ला—निजी अस्पतालों से सांठगांठ कर मरीजों को संदिग्ध रूप से निजी हॉस्पिटल में रेफर कर रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि दोनों डॉक्टर मरीजों को सरकारी अस्पताल में समुचित इलाज उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें जानबूझकर निजी अस्पताल भेजते हैं, जिससे आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दोनों चिकित्सक सरकारी स्थायी सेवाओं में हैं तथा उन्हें स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ आवास सुविधा भी प्रदान की गई है, जिससे उनकी उपस्थिति एवं सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। बावजूद इसके उन पर अपनी ड्यूटी की उपेक्षा कर निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, नियमों के तहत परमानेंट डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति नहीं होती, जबकि संविदा कर्मियों को यह छूट प्राप्त है। ऐसे में यह आचरण न केवल आचार संहिता के विपरीत है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भ्रष्टाचार की आशंका भी जन्म देता है।

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस कथित गतिविधि के चलते सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की छवि धूमिल हो रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब मरीजों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों पर कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही सीमित स्वास्थ्य संसाधनों के चलते लोग परेशान हैं, ऐसे में इस प्रकार के आरोप हालात को और अधिक गंभीर बना रहे हैं। आमजन में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की नज़र प्रशासनिक जांच एवं निर्णय पर टिकी है।

[22/12, 3:29 am] M. S. VERMA. JI: असम राज्य में सड़क हादसे में खेड़ा बुजुर्ग गाँव के युवक की मौत।

जसवंतनगर/इटावा। असम में सड़क हादसे में एक सुपरवाइजर की मौत की सूचना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

                    डायल 112 पर मृतक के मामा के लड़के देवेंद्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी अकबपुर थाना बसरेहर ने ग्राम खेड़ा बुजुर्ग थाना जसवंतनगर जनपद इटावा की सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जहां घटना की जानकारी ली गई। पुलिस को बताया गया कि मृतक बृजेश कुमार पुत्र जसवंत सिंह निवासी खेड़ा बुजुर्ग, उम्र करीब 48 वर्ष, अपने सगे चाचा यादव सिंह पुत्र उमराय सिंह के साथ असम में ड्रैगन कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। बीते दिवस को कंपनी के कार्य के दौरान हुए एक सड़क हादसे में बृजेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चाचा यादव सिंह द्वारा असम में पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। इसके बाद शव को हवाई मार्ग से शनिवार को गांव खेड़ा बुजुर्ग लाया गया। गांव में शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन दहाड़ें मारकर रोते नजर आए। 

              मृतक का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया।मृतक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी तीन बेटियां हैं—रश्मि (18), स्वाति (16) और नायरा (10)। बेटियों के सिर से पिता का साया उठने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।मृतक की पत्नी अनीता का रो रो कर बुरा हाल है गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम नजर आई।