₹2,000 करोड़ की लावारिस पूंजी का पता चला: भारत सरकार का 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' अभियान सफल
लखनऊ डेस्क प्रदीप शुक्ला
₹2,000 करोड़ की लावारिस पूंजी का पता चला: भारत सरकार का 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' अभियान सफल
नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान "आपकी पूंजी, आपका अधिकार" के तहत पहले दो महीनों में ही लगभग ₹2,000 करोड़ मूल्य की लावारिस (अदावाकृत) वित्तीय संपत्तियों पर उनके वैध स्वामियों द्वारा सफलतापूर्वक दावा किया गया है। वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में इस अभियान की सफलता की पुष्टि की।
यह अभियान, जो दिसंबर 2025 तक चलेगा, बैंक जमा, बीमा पॉलिसियों, डिविडेंड, शेयर, म्यूचुअल फंड और पेंशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में निष्क्रिय पड़ी पूंजी को उनके सही मालिकों तक पहुंचाने पर केंद्रित है।
# 3A फ्रेमवर्क: जागरूकता, पहुंच और कार्यवाही
सरकार ने इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक बहुआयामी '3ए फ्रेमवर्क' (जागरूकता, पहुंच और कार्यवाही) का उपयोग किया है।
व्यापक कवरेज: अक्टूबर से 5 दिसंबर 2025 तक, देश के 477 जिलों में विशेष शिविर आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
सरल प्रक्रिया: दावा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, जिला-स्तरीय शिविरों में हेल्पडेस्क, डिजिटल प्रदर्शन और निर्देशित सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) और जागरूकता सामग्री प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में वितरित की गईं।
# समन्वय और समर्पित प्लेटफॉर्म
यह अभियान वित्तीय क्षेत्र के सभी प्रमुख नियामकों (Regulators) के बीच अभूतपूर्व समन्वय का उदाहरण है। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI), आईआरडीएआई (IRDAI), पीएफआरडीए (PFRDA) और आईईपीएफए (IEPFA) शामिल हैं।
नागरिकों को उनकी लावारिस संपत्तियों का पता लगाने में मदद करने के लिए निम्नलिखित समर्पित प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण साबित हुए हैं:
| नियामक संस्था | प्लेटफॉर्म | संपत्ति का प्रकार |
| आरबीआई | उद्गम (UDGAM) | अदावाकृत बैंक जमा |
| आईआरडीएआई | बीमा भरोसा | अदावाकृत बीमा राशि |
| सेबी | मित्रा | अदावाकृत म्यूचुअल फंड |
# सफलता और आगे की राह
वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि यह अभियान नागरिकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित करने और उन्हें वापस दिलाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पहले दो महीनों में ₹2,000 करोड़ का दावा किया जाना, इस बात का प्रमाण है कि नागरिकों को अपनी निष्क्रिय संपत्तियों की जानकारी मिल रही है और दावा प्रक्रिया सरल बन रही है।
चूंकि यह अभियान दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा, सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय नियामकों के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा जाए और उनकी पूंजी पर उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाए। यह कदम न केवल वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देता है, बल्कि वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास को भी मजबूत करता है।
