जसवंतनगर/इटावा: आखिर क्यों खाली की गई जसवंतनगर की गिहार कॉलोनी।
चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा,
मनोज कुमार,
हेत सिंह को मिला भूमि का कब्जा, 33 वर्ष बाद न्यायालय के आदेश पर कार्रवाईजसवन्तनगर। लगभग 33 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार वादी हेत सिंह को विवादित भूमि का कब्जा मिल गया। गुरुवार को अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कोर्ट बन के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अमीनों ने मौके पर पहुँचकर पूरी प्रक्रिया पूर्ण कराई। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के समीप स्थित इस भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों का पुलिस बल तैनात किया गया।
मामले के अनुसार हेत सिंह ने वर्ष 1992 में उक्त भूमि खरीदी थी, परंतु विभिन्न कारणों से उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया। वाद संख्या 259/94 एवं 05/2021 के तहत मामला न्यायालय में लंबित रहा। पूर्व में 1 मई 1995 एवं 25 जुलाई 2025 को दिए गए आदेशों का पालन न होने पर वादी ने पुनः अदालत का रुख किया। न्यायालय ने आदेशों का अवलोकन करते हुए पाया कि सुपुर्दगी की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।अदालत ने अमीन कुलदीप कुमार व सलिल को निर्देशित किया कि वे पुलिस बल की सहायता से मसावी नंबर 1/1 वाली भूमि का सीमांकन, माप-जोख कर वास्तविक कब्जा हेत सिंह को दिलाएँ। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए है या प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है, तो बल प्रयोग की अनुमति रहेगी। इसी निर्देश पर सीओ सैफई के नेतृत्व में जसवन्तनगर, बलरई, पछायगाँव, बढ़पुरा महिला थाना, फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कई थानों का पुलिस बल जेसीबी के साथ मौके पर पहुँचा और अवैध कब्जे को हटाकर भूमि को खाली कराया।कार्रवाई के दौरान पुलिस की कड़ी निगरानी रही और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। अमीनों को संपूर्ण कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे संघर्ष के बाद भूमि का कब्जा मिलने से वादी हेत सिंह ने राहत की सांस ली।
फ़ोटो: मोके पर क्षेत्राधिकारी सैफई

