तुर्कीपुर गांव में प्रधान पद के लिए साजिद खान दावेदार,महिलाओं और युवाओं में दिखा उत्साह, सरकारी योजनाओं की जानकारी पर जोर
तुर्कीपुर गांव में प्रधान पद के लिए साजिद खान दावेदार,महिलाओं और युवाओं में दिखा उत्साह, सरकारी योजनाओं की जानकारी पर जोर
रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077
फर्रुखाबाद के तुर्कीपुर गांव में आगामी प्रधान पद के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा युवा नेता साजिद खान ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है, जिसके बाद गांव में चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर खासकर महिलाओं और युवाओं में उत्सुकता देखी जा रही है।
गांव के निवासियों की मुख्य मांग सरकारी योजनाओं की सही जानकारी तक पहुंच है। एक ग्रामीण बुजुर्ग ने बताया कि कई महिलाओं को नई सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है, जिससे वे इनके लाभ से वंचित रह जाती हैं। ग्रामीणों का मानना है कि गांव में एक ऐसा तंत्र होना चाहिए जिससे महिलाओं तक सरकारी योजनाओं की सही जानकारी समय पर पहुंच सके। भाजपा युवा नेता साजिद खान ने तुर्कीपुर गांव में नारी शक्ति का कैंप लगाकर जागरूकता का काम किया है आए दिन कुछ ना कुछ कार्य करते रहते है चाहे गंगा दशहराहदा हो ईद व्यवहारो में पंडाल लगाकर शरबत पानी का काम किया है हमेशा गांव वीडियो के साथ हमेशा खड़े हैं खड़े रहेंगे l भाजपा युवा नेता साजिद खान के सामने कई चुनौतियां हैं। ग्रामीणों को उनसे उम्मीद है कि वे हर घर तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर 'जानकारी का सेतु' बनेंगे। साथ ही, वे गांव के विकास के लिए नई योजनाएं लाएंगे और युवाओं को रोजगार व शिक्षा के अवसर प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें ऐसा प्रधान चाहिए जो केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर काम करे और हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए।
बुधवार को तुर्कीपुर गांव की महिलाओं से हुई चुनावी चर्चा में सामने आया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की सामान्य जानकारी तो है, लेकिन पूरी जानकारी न होने के कारण वे उनका पूरा लाभ नहीं ले पा रही हैं। कुछ महिलाएं बच्चों के रोजगार की समस्या से जूझ रही हैं, तो कुछ स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण प्राप्त करने हेतु चक्कर लगा रही हैं।
रमेश कुमार उर्फ बाबा जी बताया कि गांव में बहुत ही बड़ी समस्या है जो सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है रमेश कुमार उर्फ बाबा जी ने कहा कि, कुछ ग्रामीण महिलाएं सरकार द्वारा गांव में किए गए कार्यों से संतुष्ट भी हैं। इनमें सड़कों का निर्माण, साफ-सफाई, घरों में शौचालय, पानी की व्यवस्था और पेंशन योजनाएं शामिल हैं। हालांकि, उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसलिए सरकार की ओर से गांव में समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिनसे उन्हें योजनाओं की विस्तृत जानकारी मिल सके।
वहीं, गांव के एक अन्य बुजुर्ग ने मूलभूत सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि गांव में पानी, बिजली, सड़क और साफ-सफाई की बड़ी समस्या है। कई घरों में पानी नहीं आता और कुछ घरों तक गैस कनेक्शन भी नहीं पहुंचे हैं। उनका मानना है कि यदि गांव में सही मायने में विकास होता तो आज यह तरक्की के रास्ते पर होता। गांव की मुख्य सड़कें भी खराब पड़ी हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
Tags:
फर्रुखाबाद