मुहर्रम के यौम-ए-आशूरा पर ताजिये सुपुर्दे खाक,फर्रुखाबाद में कर्बला के शहीदों को अकीदत पेश की गई

मुहर्रम के यौम-ए-आशूरा पर ताजिये सुपुर्दे खाक,फर्रुखाबाद में कर्बला के शहीदों को अकीदत पेश की गई

रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077
फर्रुखाबाद में मुहर्रम के यौम-ए-आशूरा पर कर्बला के शहीदों को अकीदत पेश की गई। इस अवसर पर शहर के ताजिये और अलम जुलूस की शक्ल में कर्बला ले जाए गए, जहां उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। रविवार को मुसलमानों ने कर्बला के 72 शहीदों को याद किया।
ठंडी सड़क स्थित छोटी कर्बला मेहंदी बाग से सुबह 9:00 बजे असलम ईरानी के नेतृत्व में जुलूस शुरू हुआ। काले लिबास पहने और नंगे पैर चल रहे अकीदतमंद 'या हुसैन' और 'या हैदर' के नारे लगा रहे थे, जिससे वातावरण गमगीन हो गया। इमाम हुसैन के अनुयायी उनके गम में डूबे दिखे।
कर्बला में भारी भीड़ के साथ ताजियों को दफन किया गया। महिलाओं ने सीनाजनी की और बच्चों को काजल लगाया। सुबह होते ही 'अल्लाह हु अकबर', 'या हुसैन' और 'आज हमारा इमाम हमसे जुदा हो गया' की सदाओं के बीच ताजिये जुलूस कर्बला पहुंचने लगे। ताजियों की जियारत के लिए महिलाओं ने कर्बला के रास्तों, मकानों की छतों और पटियों पर डेरा डाल दिया था।
सुबह तड़के शाह फसीह मुजीबी गागर लेकर कर्बला पहुंचे और इमाम हुसैन को अकीदत पेश की। मोहल्ला भीकमपुरा से शान मोहम्मद, शहजाद अंसारी और तकिया नसरत शाह से अशफाक के हरे-भरे ताजियों का जुलूस कर्बला पहुंचा। गढ़ी अब्दुल मजीद, नखास और दिलावर जंग से भी ताजिये बारी-बारी से निकले।

ठंडी सड़क स्थित दरे जैनबिया से शिया समुदाय का मातमी जुलूस बूरावाली गली, घुमना बाजार, त्रिपोलिया चौक और टाउन हाल तिराहा से होता हुआ कर्बला पहुंचा। जुलूस में हुसैन के शैदाइयों ने जंजीर का मातम कर खून बहाया। शरीर से खून रिसने के बावजूद अकीदतमंद 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए नंगे पैर चलते रहे। राहगीरों ने इस खूनी मातम को देखा। शहर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलौत थाना प्रभारी अजब सिंह ssi वीरेंद्र सिंह बजरिया चौकी इंचार्ज यतेन्द्र सिंह Si इमरान फ़रीद फोर्स के साथ रहे मौजूद l 

इस अवसर पर मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली, आफताब हुसैन, इसरार हुसैन, गुलशेर ईरानी, फरहत अली जैदी, नावेद अल्वी, ताहिर हुसैन, शादाब हुसैन, आलीम शेर खां, मोहम्मद हसीन, काजी मुताहिर अली, खुर्शीद खां, मोहम्मद शाहिद और रफी अंसारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

कर्बला के शहीदों की याद में बनाए गए हालों के ताजिये पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक बने। भीकमपुरा और तकिया नसरत शाह के हालों के हरे-भरे ताजिये लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

मुस्लिम संगठनों ने शर्बत पिलाकर अकीदतमंदों की प्यास बुझाई और लंगर भी बांटा गया। सीरत कमेटी ने टाउनहाल तिराहे पर शर्बत की सबील लगाई। यौम-ए-आशूरा पर इमाम हुसैन की याद में जगह-जगह कुरान ख्वानी के आयोजन कर कर्बला के शहीदों को अकीदत पेश की गई। भीकमपुरा, शमसेर खानी, गढ़ी अब्दुल मजीद, बजरिया शेख इनायत अली, कटरा बख्शी और खटकपुरा आदि में कुरान ख्वानी के आयोजन हुए।

अलम और मातम देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। यौम-ए-आशूरा पर घरों में पकवान बनाए गए और फातिहा भी कराया गया। शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारीयों ने शहर कांग्रेस कमेटी का बैनर के साथ सबील लगाकर जुलूस मे शामिल लोगो व राहगीरों के लिए शरबत और पानी की व्यवस्था कीl शहर अध्यक्ष अंकुर मिश्रा एडवोकेट ने पदाधिकारियों के साथ जुलूस मे शामिल लोगो व राहगीरों को शरबत पिलाया उसके पश्चात मोहर्रम के जुलूस मे शामिल होकर कर्बला जाकर फर्रुखाबाद की गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल कायम रखी l इस मौके पर शहर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष अशोक राठौर, उपाध्यक्ष अतीक सलमानी, महासचिव सलीम खान, सचिव शब्बू खान,सचिव शारिक सचिव संजय दिवाकर,कोर्डिनेटर ऋषभ मिश्रा साथ रहे एवं फ़तेह मोहम्मद , सलमान , अफसान, नदीम, आफ़ताब, मुजस्सर, निहाल, दीदार, बिलाल, समी अहमद, फते आलम, आमिर आदि लोगों ने सबील की व्यवस्था देखी l