डॉ. राम कृष्ण राजपूत अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में होंगे सम्मानित,बैंकॉक, नोमपेन्ह में सुभाष चंद्र बोस और राजा नरोदम सिहानुक सम्मान मिलेगा

डॉ. राम कृष्ण राजपूत अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में होंगे सम्मानित,बैंकॉक, नोमपेन्ह में सुभाष चंद्र बोस और राजा नरोदम सिहानुक सम्मान मिलेगा

रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077

फर्रुखाबाद के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुरातत्वविद्, इतिहासकार और साहित्यकार डॉ. राम कृष्ण राजपूत 3 जून से 12 जून 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में भाग लेने के लिए विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान उन्हें थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक और कंबोडिया की राजधानी नोमपेन्ह में प्रतिष्ठित सुभाष चंद्र बोस सम्मान और राजा नरोदम सिहानुक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय विद्यालय संगठन, दिल्ली के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री राम चंद्र द्वारा जारी एक प्रेस नोट में दी गई है।

डॉ. राम कृष्ण राजपूत अपनी विद्वता, शोध कार्यों और सांस्कृतिक योगदान के लिए देश-विदेश में विख्यात हैं। उन्हें यश भारती सम्मान, हिन्दुस्तानी अकादमी सम्मान सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के महानिदेशक ने भी उन्हें पुरातत्व एवं इतिहास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है।

सम्मेलन में भाग लेने वाले विद्वानों में डॉ. राजपूत सबसे वरिष्ठ, सर्वाधिक शैक्षणिक योग्यताओं से युक्त और सर्वाधिक सम्मान प्राप्त करने वाले प्रतिष्ठित प्रतिभागियों में से एक होंगे। अंतर्राष्ट्रीय संगठन को लोकप्रिय बनाने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान की विशेष सराहना की जाती है।

डॉ. राजपूत एक दुर्लभ संग्रहालय के स्वामी हैं, अनेक भाषाओं की पांडुलिपियों के संग्रहकर्ता हैं और 68 पुस्तकों के लेखक हैं। उन्होंने पिछले 25 वर्षों तक फर्रुखाबाद महोत्सव को निष्पक्ष और समर्पित भाव से जन-जन तक पहुंचाया है। अपनी विदेश यात्रा के दौरान उनकी हाल ही में प्रकाशित पुस्तकें 'फतेहगढ़नामा', 'फर्रुखाबाद के ख्याल लागनी गायक' और 'इंडोनेशिया-मलेशिया की यात्राएं' का भी विमोचन किया जाएगा।

बैंकॉक और नोमपेन्ह सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में डॉ. राजपूत विशेष अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। विदेश यात्रा से लौटने के बाद, वह बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, शोधकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा करेंगे।