इटावा/जसवंतनगर: श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा
मनोज कुमार
श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
जसवंतनगर। क्षेत्र के ग्राम नगला रामसुंदर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के चतुर्थ दिवस बुधवार को तुलसीकृत रामचरितमानस एवं पुराणों के अनुसार भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिरस से सराबोर नजर आया।
कथावाचक आचार्य शशिकांत रामायणी ने जनकपुरी में आयोजित सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान शिव के धनुष को कोई भी राजा उठाने में सफल नहीं हो सका। तभी गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने सहज भाव से धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष भंग कर माता सीता का वरण किया। कथा के दौरान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न के विवाह प्रसंग का मार्मिक वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग और आदर्शों का प्रतीक है। रामचरितमानस में वर्णित प्रसंग आज भी समाज को धर्म, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की प्रेरणा देते हैं। कथा के बीच-बीच में संगीत मंडली द्वारा प्रस्तुत भजन और कीर्तन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। “राम लला के दर्शन पाकर धन्य हुआ संसार” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
महायज्ञ में परीक्षित की भूमिका ठाकुर चंद्रवीर सिंह तोमर एवं राजेश्वरी देवी निभा रहे हैं। कार्यक्रम में विश्वनाथ तोमर, राजनरेश सिंह, मनोज तोमर, ब्रज विहारी सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
आयोजक डॉ. आशीष प्रताप सिंह एवं डॉ. अर्पिता ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा श्रवण करने और धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की।
फोटो : ग्राम नगला रामसुंदर में श्रीराम कथा के दौरान विवाह प्रसंग सुनाते आचार्य शशिकांत रामायणी व मौजूद श्रोता।
