इटावा/जसवंतनगर: नवीन सब्जी मंडी सब्जी बिक्रेताओं ने किया धरना प्रदर्शन।

 चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा

मनोज कुमार

नवीन सब्जी मंडी सब्जी बिक्रेताओं ने किया धरना प्रदर्शन.

सब्जी बिक्रेता आढ़तिया और फडुआ बिक्रेताओं ने मंडी सचिव  कार्यालय का घेराव किया और मंडी सचिव  रवि प्रताप सिंह को अपनी अपनी समस्याएं  बताई.

समस्या समाधान के बख्त कुछ गर्मा गर्म बहस भी हुई एक सब्जी दुकानदर ने सचिब को उनकी औकात भी पुंछ ली कोर्ट कचहरी में मिलूंगा की भी धमकी दी.

मंडी सचिव ने बिना बिचलित हुये पूरी शालीनता के साथ जबाब भी दिया हम नौकर है आप सब लोग मालिक हो. पर ये बताओ जो समस्या आप रख रहे हो क्या वह हमारी मंडी द्वारा पैदा की गई है. समस्या आप लोगों की है और इसका समाधान भी आपको ही करना होगा हम तो हल हुई  समस्या का पालन करबाएँगे.
अब समस्या के मूल में आते है सब्जी आढ़ती अपनी अपनी मूल दुकाने छोड़ कर  सड़क पर पल्ली बिछाकर उसी पर किसानों की सब्जी उतार कर नीलामी और बिक्री बट्टा करते है. इस कारण से बो सड़क पूरी तरह से अबरुद्ध हो जाती है. अगर कोई किसान या पीछे बाला दुकान दार अपनी दुकान पर अपना बाहन जिसमें मोटर साईकिल भी शामिल है निकल नहीं सकता है. इस गंभीर होती समस्या के निदान के लिये कुछ लोगों ने इसकी शिकायत मुख्य मंत्री पोर्टल पर कर दी. इस समस्या का निस्तारण अब मंडी सचिव को करना पड़ा. तो उन्होंने  लॉ एंड ऑर्डर लागू किया.  सड़क पर चिन्हाकन  कर कलई डलबाई और कहा कोई भी सब्जी बिक्रेता इस सीमा रखा जिसे लक्ष्मण रेखा भी कह सकते हो को कोई भी नहीं लाघेगा, सभी ने हाँ कर दिया पर ये नियम ज्यादा देर तक नहीं चला हालात जस के तस हो गये.
तो फिर आज दिनांक 10 :2:26 को मंडी इंस्पेकर और सचिव ने पुलिस बल बुलाकर सभी अतिक्रमण कारियों को वहाँ से भगा दिया. और कहा कोई भी दूकानदार इस सड़क पर पल्ले बगैरह बिछाकर व्यापार नहीं करेगा. सभी के पास बैध दुकाने है फड़ है अपनी अपनी दुकानों और फडों पर किसानों का माल उतारेंगे और वहीं से बिक्री करेंगे.

ये बात कुछ लालची दुकानदारों को पसंद नहीं आईं उन्होंने इस कार्यबाही को मनमाना फैसला करार देते हुये नेता गिरी शुरू कर दी. कई राउंण्डो की बात चीत के बाद समस्या का हल खुद ही दुकानदारों ने निकाल लिया और लिखित में दिया कि कलई ही सीमा रेखा होगी कोई भी दुकानदार इस सीमा को नहीं लाघेगा. और अगर लाँघता है तो पहले तो हम लोग ऐसा होने नहीं देंगें और अगर फिर भी बह नहीं मानता है. तो सचिब साहब को लाइसेंस तक केंसिल करने का पूरा अधिकार होगा.

लिखित पड़त में फैसला हुआ जो सभी ने मान लिया.

भविष्य में नींलामी चबूतरा भी खाली करायेगे.