एटा: एटा राजनीति का दिग्गज घराना जो लगातार 11 चुनाव जीतते रहे है।
By: M.S Verma चीफ एडिटर जसवंत नगर इटावा
जनपद एटा:-एटा सदर की राजनीतिक विरासत और लोधी समाज का वर्तमान नेतृत्व--
: विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड — परंपरा, संघर्ष और भविष्य की दिशा:
भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में यदि किसी ऐसे नेता का उल्लेख किया जाए जिसने उत्तर प्रदेश सहित अनेक राज्यों में लोधी समाज की संगठनात्मक ताकत को बनाए रखा हो, तो एटा सदर से वर्तमान विधायक विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। वह वर्तमान में अखिल भारतीय लोधी लोधा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा में एटा सदर से अपना दूसरा कार्यकाल पूर्ण कर रहे हैं।
विपिन कुमार डेविड से कुछ खास बातचीतएटा सदर की यह राजनीतिक यात्रा केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें 1957 तक जाती हैं। स्वर्गीय गंगा प्रसाद वर्मा जी ने आज़ादी के बाद लोधी समाज के बीच राजनीतिक स्वाभिमान और गौरव की नींव रखी। उन्होंने 1957 में स्वतंत्र पार्टी से पहली बार एटा से विधायक बनकर समाज को पहचान दिलाई। इसके बाद
1962 में हिंदू महासभा से,
1967 में पुनः स्वतंत्र पार्टी से,
1969 व 1974 में कांग्रेस से,
तथा 1977 में जनता पार्टी से
लगातार विधायक चुने जाकर यह सिद्ध किया कि राजनीतिक स्वीकार्यता केवल दल से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव से मिलती है।
गंगा प्रसाद वर्मा जी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए
1991 और 1993 में उनके भतीजे प्रीतम सिंह विधायक बने,
2007 में उनके बड़े पुत्र प्रजापालन वर्मा ने पारिवारिक गौरव को पुनः स्थापित किया,
और फिर 2017 व 2022 में विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड ने लगातार दो बार एटा सदर से विजय प्राप्त कर यह प्रमाणित कर दिया कि जनता आज भी उसी परंपरा पर विश्वास करती है, जो उनके सुख-दुख में खड़ी रहती है।
इस प्रकार 1957 से लेकर आज तक एटा सदर विधानसभा सीट पर 11 बार एक ही परिवार का विधायक चुना जाना, भारतीय राजनीति में अपने-आप में एक असाधारण और दुर्लभ उदाहरण है। संभवतः किसी एक सीट पर किसी परिवार को इतना दीर्घकालीन जनसमर्थन बहुत कम स्थानों पर प्राप्त हुआ है।
गंगा प्रसाद वर्मा जी की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी समाजसेवा और उत्तरदायित्व से भरी रही।
उनके तीन पुत्र—
प्रजापालन वर्मा, शशिकांत वर्मा और विपिन कुमार वर्मा (डेविड)—अपने-अपने क्षेत्र में समाज के लिए कार्यरत रहे।
स्वर्गीय शशिकांत वर्मा एक प्रतिष्ठित समाजसेवी थे। वह कारागार बंदी जीवन सुधार न्यास के प्रदेश अध्यक्ष,उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति (लखनऊ शाखा, एटा) की साक्षात्कार समिति के अध्यक्ष,तथा कारागार बंदी जीवन पत्रिका के उप-संपादक रहे। उनके सामाजिक योगदान ने उन्हें जनपद एटा में एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2025 में उनके निधन के बाद भी उनके कार्य समाज की स्मृति में जीवित हैं।
प्रजापालन वर्मा खेती और व्यापार से जुड़े रहे तथा विधायक रहते हुए उन्होंने सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
आज इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड—एक युवा, ऊर्जावान और दूरदर्शी नेता। वे न केवल एटा में, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में संगठन के बल पर लोधी समाज को एकजुट करने, दिशा देने और नेतृत्व विकसित करने का कार्य कर रहे हैं। वे उन युवाओं और समाज के लोगों को आगे बढ़ा रहे हैं, जो राजनीति में सकारात्मक भूमिका निभाना चाहते हैं।
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, लोधी समाज के समक्ष यह प्रश्न भी खड़ा है कि क्या समाज की पूरी राजनीतिक धरोहर केवल एक परिवार या एक व्यक्ति तक सीमित रहनी चाहिए। स्वर्गीय कल्याण सिंह जी ने समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया, किंतु उनके बाद उनके परिवार की भूमिका समाज के व्यापक हितों के प्रति अपेक्षाकृत सीमित होती चली गई है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम—विशेषकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन से जुड़ा विवाद—ने समाज के भीतर गंभीर चिंतन को जन्म दिया है।
इसके विपरीत, विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड का नेतृत्व समावेशी, संगठनात्मक और भविष्य-उन्मुख दिखाई देता है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश का लोधी समाज उन्हें एक विश्वसनीय, कर्मठ और उभरते हुए बड़े चेहरे के रूप में देख रहा है।
समाज की यह सामूहिक अभिलाषा है कि आने वाले समय में वे केवल विधायक तक सीमित न रहें, बल्कि सांसद, उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री जैसे पदों पर पहुँचकर न केवल लोधी समाज, बल्कि संपूर्ण प्रदेश को नई दिशा देने का कार्य करें।
एटा सदर की जनता, लोधी समाज और भारतीय जनता पार्टी—तीनों का भरोसा आज उनके साथ है।
इतिहास, वर्तमान और भविष्य—तीनों की धारा में यदि कोई नाम स्वाभाविक रूप से उभरता है,
तो वह है — विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड।
