क्या आप जानते है कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी क्लिनिक नहीं खोल सकते

 

क्या आप जानते है कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी क्लिनिक नहीं खोल सकते......

नहीं, अधिकतर मामलों में सरकारी डॉक्टर निजी क्लिनिक नहीं खोल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर अपनी ड्यूटी के दौरान और ड्यूटी के बाद निजी क्लिनिक में मरीजों का इलाज नहीं कर सकते हैं। कुछ राज्यों में इस पर सख्त नियम हैं और इसे उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें नौकरी से निकाला जाना और लाइसेंस रद्द होना शामिल है। 

नियमों का उल्लंघन: कई सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करते हैं, लेकिन यह नियम के विरुद्ध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर: मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं है, क्योंकि उन्हें इसके लिए नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) का भुगतान किया जाता है।

घर पर प्रैक्टिस: कुछ मामलों में, जो डॉक्टर नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस नहीं ले रहे हैं, वे केवल घर पर मरीजों का इलाज कर सकते हैं, लेकिन उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फीस लेनी होगी और शुल्क की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।

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निजी अस्पताल में इलाज: सरकारी डॉक्टर निजी अस्पतालों में जाकर मरीजों का इलाज नहीं कर सकते हैं, न ही टेस्ट या ऑपरेशन कर सकते हैं।

कानूनी अनुमति: कुछ दुर्लभ मामलों में, सरकारी डॉक्टर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर निजी प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं, लेकिन यह एक जटिल प्रक्रिया है। 

संक्षेप में, सरकारी डॉक्टर के लिए निजी क्लिनिक खोलना आमतौर पर संभव नहीं है। इसके लिए नियमों को ध्यान से समझना और सरकारी नियमों के अनुसार ही काम करना महत्वपूर्ण है।