जसवंतनगर/इटावा: इलाज के लिए घंटों सड़क पर मृत बच्चे को लेकर रोती बिलखती रही महिला, राहगीरों से मांगी मदद।
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मनोज कुमार, 7409103606
इलाज के लिए घंटों सड़क पर मृत बच्चे को लेकर रोती बिलखती रही महिला, राहगीरों से मांगी मददजसवन्तनगर/इटावा: क्षेत्र के सिरहौल की रहने वाली महिला अनीता के दस वर्षीय बेटे को अचानक पेट में तेज दर्द होने के कारण इलाज के लिए नगर के निजी चिकित्सक के यहां लेकर पहुंची थी एक घंटे से अधिक समय से इलाज हो रहा था लेकिन उसकी मौत हो गई।
अनिता पत्नी सुनील कुमार ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर करीब तीन चार बजे के समय बेटे 10वर्षीय दिव्यांश के पेट में अचानक बहुत तेज दर्द उठा तो नगर के शिव गौर क्लीनिक अस्पताल लेकर पहुंची थी जहां उसकी मौत हो गई अनीता अपने मृत बच्चे को लेकर राहगीरों से मदद की गुहार लगा रही थी। महिला की रोते बिलखता देख राहगीरों की भीड़ जमा हो गईभीड़ देखकर एक पत्रकार ने बीडियो बनाना शुरू किया ही था डॉक्टर के स्टाफ का आदमी आता है और आकर के मोबाईल को छीनने का प्रयास करने लगता है. कुछ कहा सुनी के बाद लोगों ने मामले को शांत कराया.
बिदित हो इससे पूर्ब भी डॉ गौर के स्टाफ द्वारा एक नामी गिरामी पत्रकार के साथ भी अभद्रता की गई थी. एक तो घनी बस्ती उसके बाद वहाँ मरीजों और बाहनों की भीड़ के कारण स्कूल जाने आने बाले बच्चो को उस जगह लगते जाम के कारण बहुत परेशानी उठानी पड़ती है.
महिला की मदद करने वाला कोई नहीं दिख रहा था आनन फानन में वह महिला टिर्री से अपने बच्चे को लेकर देर शाम सात बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर पहुंची तो वहां उपस्थित फार्मासिस्ट उदयवीर यादव तथा सीएससी अधीक्षक डॉक्टर वीरेंद्र ने बताया कि बच्चे की मृत्यु करीब सीएससी पहुंचने से पहले करीब एक घंटे ही हो चुकी है बच्चे को सीएससी पर समय से लाया जाता तो शायद बचाया जा सकता था बाद में मृतक के पिता सुनील कुमार को अपने बच्चे के मृत होने की जानकारी मिली तो तुरंत सीएचसी पहुंचा और मृतक दिव्यांश को मृत देख कर वह व उसकी पत्नी अनीता चीख चीख कर रोने लगी।कस्बा में ऐसे कई क्लिनिक है जो बिना मानक के संचालित हो रहे है क्लिनिकों के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज अपना दम यही तोड़ देते है या हालत गंभीर होता देख डॉक्टर कही और जगह ले जाने की बोल देते है जिससे तीमारदारों को सैफई पीजीआई या जिला अस्पताल तक पहुंचते पहुंचते रास्ते में ही मौत हो जाती है।
मृतक दिव्यांश के पिता सुनील कुमार बताया कि वह बहुत हो गरीब व्यक्ति है उसकी कुल चार संताने है जिसने सबसे बड़ा लड़का निखिल हरियाणा में रहकर किसी कम्पनी में काम करता है डोली के बाद कक्षा छ: में पड़ता था मृतक दिव्यांश इसके बाद सबसे छोटी खुशाली है।