जसवंतनगर/इटावा: मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर पालिका परिषद जसवंतनगर की शिकायतों पर जांच शुरू।

 चीफ एडिटर: एम.एस वर्मा, 6397329270

मनोज कुमार, 7409103606

जसवंतनगर/इटावा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर पालिका परिषद जसवंतनगर की शिकायतों पर जांच शुरू हो गई है इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट इटावा ने अन्य अधिकारियों के साथ यहां पहुंचकर जांच की कार्रवाई प्रारंभ की तथा अधिशासी अधिकारी एवं कार्यालय स्टाफ से इस संबंध में जानकारी की गई तथा पत्रावलीयो का भी अवलोकन किया गया। जांच की कार्यवाही शुरू होने से नगर पालिका में हड़कंप मचा हुआ है।

                विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से दो शिकायतों पर प्रमुख रूप से जांच की जा रही है इनमें से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर कायाकल्प योजना के अंतर्गत कथित रूप से की गई आपूर्ति के संबंध में है तथा दूसरी शिकायत में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पर अपने परिजनों को पालिका परिषद में नौकरी पर लगवाए जाने को लेकर आरोप लगाया गया है। यह दोनों शिकायतें नगर पालिका परिषद के वर्तमान सभासद राजीव कुमार यादव ने की हैं उन्होंने आरोप लगाया है कि कायाकल्प योजना के अंतर्गत विद्युत उपकरणों आदि की आपूर्ति किए जाने से पूर्व ही आपूर्तिकर्ता फर्म को नगर पालिका परिषद से भुगतान कर दिया गया था। जांच के दौरान जांचकर्ता अधिकारी को राजीव यादव ने अपनी शिकायत के समर्थन में अनेक सबूत भी उपलब्ध कराए हैं।

इसके साथ ही इस योजना में एक करोड़ 32 लाख रुपए का भुगतान आपूर्ति से पूर्व ही किए जाने का आरोप लगाया है साथ ही यह भी शिकायत की गई है कि यह योजना यहां धरातल पर अब तक नहीं उतरी है। इस मामले में यह भी आरोप है कि कायाकल्प योजना के लिए निविदाओं में विद्युत उपकरण एवं अन्य वस्तुएं क्रय करने के लिए उनके वास्तविक मूल्य से कई गुना अधिक धनराशि खर्च की गई है तथा भुगतान के 2 वर्ष बीत जाने के बाबजूद इस योजना से किसका कायाकल्प हुआ है इसका पता नहीं चल रहा है। इसके भुगतान के लिए नगर पालिका बोर्ड से कोई संस्तुति न लिए जाने, मनमानी ढंग से कार्य करने, बोर्ड के अधिकारों को चुनौती देने, नगर में कहीं भी विद्युतीकरण के लिए डिवाइडर पोल न लगाने तथा शासन द्वारा नगर के कायाकल्प के लिए भेजी गई करोड़ों रुपए की धनराशि का अपव्यय कर जनता के हितों पर डाका डालने का आरोप नगर पालिका परिषद अध्यक्ष एवं तत्कालीन अधिशासी अधिकारी पर लगाया गया है। इटावा नगर पालिका परिषद में खरीदे गये समान क्षमता के वाटर कूलर का एस्टीमेट यहां दुगने से अधिक का लगाने का आरोप लगाया गया है। इस योजना के लिए बनाए गए एस्टीमेट को बाजार मूल्य से अनाप शनाप तरीके से बढाकर सरकारी धन का अपव्यय करने वाले अभियंता की भी जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की भी मांग की गई है।

          दूसरी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से आउटसोर्सिंग ठेका के माध्यम से अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपने सगे भाइयों तथा अन्य सगे संबंधियों को नगर पालिका जसवंतनगर पर नौकरी पर लगाया गया है तथा लगातार इनका वेतन आहरण भी किया जा रहा है जबकि इनमें से अधिकांश दिल्ली व अन्य जगहों पर अन्य कार्य कर रहे हैं यहां उपस्थित नहीं रहते हैं। इस तरह अपने भाइयों एवं सगे संबंधियों को सरकारी राजस्व की क्षतिकर उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचा रहे है जो कि नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 82 का उल्लंघन है। इस मामले में नगर पालिका परिषद को वित्तीय क्षति पहुंचाने की जांच करा कर अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज कर वैधानिक कार्यवाही किए जाने तथा वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने पर पद से बर्खास्त किए जाने की मांग शिकायतकर्ता सभासद राजीव कुमार यादव द्वारा की गई है। 

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              जांच अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद के साथ, उप जिलाधिकारी जसवंतनगर कुमार सत्यमजीत, लोक निर्माण विभाग के अभियंता शीशपाल सिंह आदि भी उपस्थित रहे। शनिवार को देर शाम जांच अधिकारियों के पहुंचने के बाद से नगर पालिका में भारी गहमा गहमी देखी जा रही है इस संबंध में चर्चा है कि मुख्यमंत्री को सीधे शिकायत दिए जाने के बाद यह कार्यवाही शुरू हुई है इससे पहले नगर पालिका परिषद जसवंतनगर की अनेक शिकायतें अधिकारियों द्वारा चुपचाप खत्म कर दी गई हैं या पेंडिंग में पड़ी हुई है। उधर यह भी खबर है कि नगर पालिका परिषद से त्रस्त कुछ नागरिक अधिकारियों के पास दबी पड़ी शिकायतों को लेकर न्याय के लिए उच्च न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।

             नगर पालिका परिषद जसवंतनगर में जब जांच की टीम पहुंची तब वहां अध्यक्ष उपस्थित नहीं थे उनके बारे में पता किया गया तो पता चला है कि वह एक सप्ताह पूर्व बाहर गए हैं कुछ सूत्रों के अनुसार वे विदेश यात्रा पर गए हुए हैं।