जसवंतनगर/इटावा: जसवंतनगर की ऐतिहासिक रामलीला 2025 : परंपरा और संस्कृति का अनोखा संगम।

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मनोज कुमार, 7409103606

जसवंतनगर की ऐतिहासिक रामलीला 2025 : परंपरा और संस्कृति का अनोखा संगम

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा उदाहरण कही जाने वाली जसवंतनगर की विश्व प्रसिद्ध मैदानी रामलीला का इंतजार हर साल नगरवासियों के साथ-साथ दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी बेसब्री से करते हैं। इस बार भी रामलीला-2025 की कार्यक्रम सूची घोषित हो चुकी है और नगर का वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा है।

शनिवार को रामलीला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में समिति के उप प्रबंधक ठाकुर अजेन्द्र सिंह गौर ने विस्तृत कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर विधायक श्री शिवपाल सिंह यादव तथा विधायक प्रतिनिधि अजय सिंह गौर भी मौजूद रहे।

🕉️ धार्मिक आयोजनों की झलक

रामलीला का शुभारंभ 20 सितम्बर को धनुष भंग से होगा, जबकि अगले ही दिन नगरवासियों को श्रीराम बारात की झांकी देखने को मिलेगी। इसके बाद 27 सितम्बर को सीता हरण, 28 सितम्बर को लंका दहन, तथा 30 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक रास्ते की लड़ाई जैसे रोमांचक मंचन दर्शकों को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जीवनगाथा में डुबो देंगे।

3 अक्टूबर को रावण वध और 4 अक्टूबर को भरत मिलाप का भव्य आयोजन होगा। धार्मिक आयोजनों के बीच मनोरंजन के लिए 6 अक्टूबर को जादू शो रखा गया है।

📖 भागवत कथा और भक्ति रस

7 अक्टूबर से कलश यात्रा और श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा, जो 13 अक्टूबर तक प्रतिदिन श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबोए रखेगी। कथा के दौरान नगर में आध्यात्मिक वातावरण और भी सघन हो उठेगा।

14 अक्टूबर को भंडारा और 15 अक्टूबर की रात्रि को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन इस रामलीला को सांस्कृतिक आयाम प्रदान करेंगे। इसमें देश के प्रख्यात कवि, शायर और हास्य व्यंग्यकार – खुर्शीद हैदर, प्रताप फौजदार और गौरी मिश्रा सहित कई नामचीन हस्तियां शिरकत करेंगी।

🎶 ब्रज संस्कृति की छटा

रामलीला समापन के बाद भी सांस्कृतिक रंग जारी रहेंगे। 16 अक्टूबर को रासलीला (ब्रज शैली) और 17 अक्टूबर को लट्ठमार होली (ब्रज शैली) का आयोजन दर्शकों को मथुरा-वृंदावन की पारंपरिक झलक देगा। यह नज़ारा न सिर्फ स्थानीय जनता बल्कि बाहर से आने वाले दर्शकों के लिए भी अविस्मरणीय अनुभव होगा।

🙌 समिति की भूमिका

कार्यक्रमों का संचालन रामलीला समिति के पदाधिकारियों की देखरेख में होगा। समिति में हीरालाल गुप्ता (उपाध्यक्ष), राजीव गुप्ता बबलू (प्रबंधक), अजेन्द्र सिंह गौर (उप प्रबंधक), अनिल गुप्ता (कोषाध्यक्ष) समेत कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व जिम्मेदारियां संभाल रहे है

✨ आस्था और परंपरा की जीवंत मिसाल

जसवंतनगर की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक चेतना का प्रतीक है। यह आयोजन न सिर्फ रामकथा का संदेश जन-जन तक पहुंचाता है, बल्कि विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को एकजुट करने का कार्य भी करता है।

इस वर्ष भी यह रामलीला आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बनेगी, जहां हर दिन भक्तिरस, कला और लोक परंपराओं की अमिट छाप छोड़ जाएगा।