गम और अकीदत के माहौल में निकला अलम-ए-मुबारक, "या हुसैन" की सदाओं से गूंजा

गम और अकीदत के माहौल में निकला अलम-ए-मुबारक, "या हुसैन" की सदाओं से गूंजा 

 रेहान ख़ान ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद 9452755077

फर्रुखाबाद। 12 मोहर्रम के मौके पर मोहल्ला घेर शामू खां और असगर रोड में गम, अकीदत और एहतराम के साथ अलम-ए-मुबारक का जुलूस निकाला गया। अलम-ए-मुबारक को इमामबारगाह याज़र हुसैन से पूरे अदब और अकीदत के साथ उठाकर नवीन काज़मी की इमामबारगाह तक लाया गया। पूरे रास्ते माहौल गमगीन रहा और हर तरफ "या हुसैन", "या अब्बास" की सदाएं बुलंद होती रहीं।
श्रद्धालुओं ने हज़रत इमाम हुसैन और शहीदान-ए-कर्बला की कुर्बानियों को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। जुलूस के दौरान लोगों ने अलम का इस्तकबाल किया और मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगीं। मातमी माहौल में अकीदतमंदों की आंखें नम रहीं और हर शख्स कर्बला के पैगाम—सच्चाई, इंसाफ और इंसानियत—को याद करता नजर आया।
जुलूस पूरे अनुशासन और धार्मिक मर्यादा के साथ संपन्न हुआ। रास्ते भर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और उन्होंने पूरे एहतराम के साथ अलम-ए-मुबारक की जियारत की। 12 मोहर्रम का यह आयोजन फर्रुखाबाद की गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। ज़ियारत में शामिल रहे:*कॉग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष आफताब हुसैन कॉग्रेस शहर नफीस हुसैन, अम्मार अली, सैफ हुसैन आब्दी,  
मेराज हुसैन सोज़ब, नवीन काजमी, नैयर, शादाब ज़ैदी, फरहत अली ज़ैदी समेत तमाम ज़ायरीनों ने शिरकत की।